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एशियन गेम्स में भारत की दावेदारी

Posted On: 11 Nov, 2010 sports mail में

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सिर्फ एक दिन शेष है जब 16वें एशियन गेम्स चीन के ग्वांगझाऊ शहर में शुरू होंगे. अब तक के सबसे बड़े एशियाई खेलों में भारत को अपने ऐथलीटों से बहुत उम्मीदें हैं और हो भी क्यों नहीं दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों में सबने शानदार प्रदर्शन किया था. लेकिन देखना यह है कि क्या घरेलू वातावरण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ी विदेशी धरती पर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे.

आइए देखते हैं कि किन खेलों में भारत अच्छा प्रदर्शन कर पदक जीत सकता है.

Kabaddi Asian Games• कबड्डी – पुरुष कबड्डी को एशियन गेम्स में पहली बार 1990 के बीजिंग खेलों में सम्मिलित किया गया था और तब से लेकर अब तक पांचों बार भारत ने स्वर्ण पदक जीता है. और इस बार भी हमें कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने की पूरी उम्मीद है. इसके साथ-साथ इस बार के एशियन गेम्स में पहली बार महिला कबड्डी को भी शामिल किया गया है. देखना यह होगा कि क्या भारत कबड्डी में दो स्वर्ण पदक जीत पाता है.

• शूटिंग – अभिनव बिंद्रा, गगन नारंग, समरेश जंग जैसे शूटर जिस देश के पास हों वह शूटिंग में अच्छा प्रदर्शन ज़रूर करेगा. राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने सबसे ज़्यादा पदक शूटिंग में ही जीते थे और यह कारनामा वह एशियन गेम्स में भी करना चाहेंगे. लेकिन भारत यह तभी कर सकता है जब वह चीन के शूटरों से अच्छा प्रदर्शन करे. क्योंकि दोहा में चीनी शूटरों ने शूटिंग में अकेले 27 स्वर्ण पदक जीते थे .

• कुश्ती – पिछले कुछ समय से भारत ने कुश्ती में अपनी अच्छी पहचान बना ली है. सुशील कुमार की अगुवाई में भारत ने पिछले स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया था और एशियन गेम्स में भी हमें कुछ ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद है.

एशियन गेम्स • हॉकी – राष्ट्रीय खेल होने के कारण भारत को हॉकी में हमेशा से ही पदक जीतने की ललक रहती है. और इस बार भी हम दोनों (पुरुष और महिला) स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतना चाहेंगे. हालांकि पिछले खेलों में पुरुष हॉकी में हमने घटिया प्रदर्शन किया था और कोई भी पदक नहीं पाए थे.

• बैडमिंटन – भारत का चमकता हुआ सितारा साइना नेहवाल इस बार ज़रूर चाहेंगी कि वह एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतें. लेकिन उनकी डगर यहां थोड़ी कठिन होगी क्योंकि नेहवाल का मुकाबला यहां होने वाला है चीनी बालाओं से. और जग जानता है चीन और बैडमिंटन का तालमेल.

एशियन गेम्स • टेनिस – पिछले बार हमने टेनिस में युगल और मिश्रित युगल दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे. लिएंडर पेस, महेश भूपति, सानिया मिर्ज़ा और सोमदेव देवबर्मन के ऊपर टेनिस में पदक जीतने का दारोमदार होगा.

इन खेलों के अलावा क्यू स्पोर्ट्स, ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स, गोल्फ और भारोत्तोलन कुछ ऐसे खेल हैं जहां भारत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है.



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