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एशियन गेम्स – एक नजर इतिहास पर

Posted On: 26 Oct, 2010 sports mail में

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कामनवेल्थ गेम्स या राष्ट्रमंडल खेल खत्म हो चुके हैं. 3 अक्टूबर 2010 से 14 अक्टूबर 2010 को Asian Gamesदिल्ली में सम्पन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में जहां दुनियां ने भारत की भव्यता देखी वहीं गगन की बंदूक की धार, सुशील कुमार के धोबीपछाड़ और सायना के बैडमिंटन की रफ़्तार ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी भी किसी से कम नहीं हैं. तीरंदाजी से लेकर एथलेटिक्स में, मुक्केबाजी से लेकर निशानेबाजी तक तकरीबन सभी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगा फहराया और सभी का दिल जीत लिया.

विजय की दास्तां के आगे तुमने शोहरत कमाई,
तुम्हारी जीत के आगे आशाओं का था समां
रुकना नहीं है तुमको जीतना है दूसरा आसमां



राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों में जो जीत का जज़्बा देखा गया वह काबलेतारीफ़ था जिसका अभिवादन पूरे देश ने किया. लेकिन जैसे विजय की सीमा नहीं होती वैसे खिलाड़ियों की जीत का सिलसिला भी रुकता नहीं क्योंकि जीत ही तो खिलाड़ियों का मुख्य लक्ष्य होता है. और राष्ट्रमंडल खेलों के बाद अब खिलाड़ियों का निशाना एशियाई खेलों पर है. क्योंकि 12 नवम्बर 2010 से ग्वांगझाऊ चीन में शुरू हो रहे हैं 16वें एशियाई खेल.

एशियन गेम्स – परिचय

एशियाई खेलों को आधिकारिक रूप से एशियाड के नाम से जाना जाता है. चार साल के उपरांत आयोजित होने वाला एशियाई खेल एक बहुराष्ट्रीय खेल आयोजन है जिसमें एशिया भर से एथलीट विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेते हैं.

एशियन गेम्स का इतिहास

हालांकि पहले एशियन गेम्स 1951 को दिल्ली में हुए लेकिन इससे पूर्व जापान के साम्राज्य, फिलीपीन द्वीप और चीन के मध्य 1912 से सुदूर पूर्वी खेलों का आयोजन Asian Gamesहो रहा था. पहले सुदूर पूर्वी खेल 1913 में मनीला में आयोजित किए गए थे और 1934 तक दस सुदूर पूर्वी खेलों का आयोजन किया गया. लेकिन 1934 के चीन-जापान युद्ध के पश्चात जापान ने मांचू साम्राज्य को खेलों से जोड़ने पर बल दिया जिसके कारण चीन ने खेलों से अपनी भागीदारी वापस लेने की घोषणा की. अंततः 1938 के खेलों को रद्द कर दिया गया और इसके बाद यह संगठन भी बंद कर दिया गया.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत सारे एशियाई राष्ट्रों को स्वतंत्रता प्राप्त हुई. नव स्वतंत्र हुए एशियाई देशों ने एक ऐसी प्रतियोगिता के आयोजन का समर्थन किया जिसके द्वारा विश्व को एशियाई प्रभुत्व दिखाया जाए और खेलों के द्वारा आपसी सौहार्द्र और एशियाई राष्ट्रों की मजबूती आसानी से दिखाई जा सकती थी.

1948 के लंदन ओलंपिक के बाद चीन और फिलीपींस से खिलाड़ियों ने सुदूर पूर्वी खेलों की बहाली का विचार उठाया हालांकि भारत के अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रतिनिधि गुरु दत्त सोंधी ने सोचा कि पूर्वी खेलों की बहाली एशियाई एकता की भावना को प्रकट करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी. इसके लिए नए तरह के खेलों की ज़रूरत है जो पूरे एशियाई देशों का प्रतिनिधित्व करे. इसके बाद एशियाई एथलेटिक फेडरेशन समिति की सस्थापना की मांग तेज़ होने लगी. और आखिरकार 13 फरवरी 1949 को एशियाई एथलेटिक फेडरेशन का औपचारिक रूप से नई दिल्ली में उद्घाटन हुआ. इसके साथ-साथ 1950 मेंAsian Games दिल्ली में पहले एशियाई खेलों का आयोजन कराने की घोषणा की गई.

1951 के एशियाई खेलों से लेकर 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों तक का विनियमन एशियाई खेल महासंघ (एजीएफ़) द्वारा किया गया. उसके बाद से अब तक यह खेल एशियाई ओलंपिक परिषद द्वारा कराए जाते हैं.

1-1951 (भारत, नई दिल्ली) मार्च 4–11
देशों की संख्या – 11
खिलाड़ियों की संख्या – 489
कुल खेल – 6
स्पर्धाएं – 57



Asian_Games_logo2-1954 (मनीला, फिलीपींस) मई 1–9
देशों की संख्या – 19
खिलाड़ियों की संख्या – 970
कुल खेल – 8
स्पर्धाएं – 76



3-1958 (टोक्यो, जापान) मई 28 से जून 1
देशों की संख्या – 16
खिलाड़ियों की संख्या – 1,820
कुल खेल – 13
स्पर्धाएं – 97


4-1962 (इंडोनेशिया जकार्ता, इंडोनेशिया) अगस्त 24 से सितम्बर 4
देशों की संख्या – 12
खिलाड़ियों की संख्या – 1,460
कुल खेल – 13
स्पर्धाएं -88


5th_asiad5-1966 (बैंकाक, थाइलैंड) दिसम्बर 9–20
देशों की संख्या – 16
खिलाड़ियों की संख्या – 1,945
कुल खेल – 14
स्पर्धाएं – 143



6-1970 (बैंकाक, थाइलैंड) अगस्त 24 से सितम्बर 4
देशों की संख्या – 16
खिलाड़ियों की संख्या – 2,400
कुल खेल – 13
स्पर्धाएं – 135



7- 1974 (तेहरान, ईरान) सितम्बर 1–16
देशों की संख्या – 19
खिलाड़ियों की संख्या – 3,010
कुल खेल – 16
स्पर्धाएं – 202



8-1978 ((बैंकाक, थाइलैंड) दिसम्बर 9–20
देशों की संख्या – 19
खिलाड़ियों की संख्या – 3,842
कुल खेल – 19
स्पर्धाएं – 201


Delhi Asiad9- 1982 (नई दिल्ली, भारत) नवम्बर 19 से दिसम्बर 4
देशों की संख्या – 23
खिलाड़ियों की संख्या – 3,411
कुल खेल – 21
स्पर्धाएं – 147


10- 1986 (सियोल, दक्षिण कोरिया) सितम्बर 20 से अक्टूबर 5
देशों की संख्या – 22
खिलाड़ियों की संख्या – 4,839
कुल खेल – 25
स्पर्धाएं – 270


11- 1990 (चीन, बीजिंग) सितम्बर 22 से अक्टूबर 7
देशों की संख्या – 36
खिलाड़ियों की संख्या – 6,122
कुल खेल – 29
स्पर्धाएं – 310


Asiad12- 1994 (हिरोशिमा, जापान) अक्टूबर 2–16
देशों की संख्या – 42
खिलाड़ियों की संख्या – 6,828
कुल खेल – 34
स्पर्धाएं – 337


13-1978 (बैंकाक, थाइलैंड) दिसम्बर 6–20
देशों की संख्या – 41
खिलाड़ियों की संख्या – 6,554
कुल खेल – 36
स्पर्धाएं – 376


14- 2002 (बुसान, दक्षिण कोरिया) सितम्बर 29 से अक्टूबर 14
देशों की संख्या – 44
खिलाड़ियों की संख्या – 7,711
कुल खेल – 38
स्पर्धाएं – 419


Asiad15- 2006 (दोहा, कतर) दिसम्बर 1–15
देशों की संख्या – 45
खिलाड़ियों की संख्या – 9,520
कुल खेल – 39
स्पर्धाएं – 424


देशों की भागीदारी

ओलंपिक परिषद(ओसीए) से संबद्ध सभी 45 एशियाई देश एशियाई खेलों में भाग ले सकते हैं. इन खेलों के इतिहास में 46 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों ने अब तक एशियाई खेलों में भाग लिया है. हालांकि 1976 के बाद इजराइल को सुरक्षा कारणों से खेलों में भाग लेने से मना कर दिया गया था.



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